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चार लाइन दोस्तों के नाम-
काश फिर मिलने की वजह मिल जाए
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए..
GOOD THOUGHT
नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है.!.
लोग "रूलाना" नहीं छोडते,
और हम "हसना" नहीं छोडते..!!..
"हमने अपने नसीब से ज्यादा अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है.
क्युंकि
नसीब तो बहुत बार बदला है,
लेकिन मेरे दोस्त अभी भी वही है!"
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